देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग अब दिल्ली के इंडिया गेट तक पहुंच गई है। अंकिता के माता-पिता ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्त करने का फैसला वापस लेने की मांग की। परिवार ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन को कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का समर्थन भी मिला है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के समर्थन पर कांग्रेस ने जताया आभार
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता के साथ खड़े होकर उनकी आवाज उठाने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा मामला है।
गोदियाल के मुताबिक, अंकिता के माता-पिता दिल्ली में न्याय की गुहार लगा रहे हैं। ऐसे समय में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का उनके साथ खड़ा होना इस संघर्ष को मजबूती देता है।
सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग
अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि जब तक हत्याकांड की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल के पद पर नियुक्त नहीं किया जाए। परिवार की मुख्य मांग इसी नियुक्ति को लेकर है। उनका कहना है कि मामले की जांच पूरी होने तक इस फैसले को रोका जाना चाहिए।
प्रीतम सिंह बोले- न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई
उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और विधायक प्रीतम सिंह ने भी अंकिता हत्याकांड में न्याय की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में उठ रहे सभी सवालों के जवाब मिलने चाहिए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को जांच से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए।
प्रीतम सिंह ने स्पष्ट किया कि अंकिता और उसके परिवार को न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ा
इंडिया गेट पर अंकिता के परिजनों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति तत्काल रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियुक्ति वापस नहीं ली गई, तो देशभर के लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराने की बात भी कही।
